3-दिवसीय सीधी संवादात्मक मास्टरक्लास

क्या आपके हृदय में श्रीराम की कथा कहने की इच्छा है?

रामचरितमानस को केवल पढ़ना नहीं—समझना, अनुभव करना और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना सीखिए।

रामचरितमानस की संरचना, चौपाई से कथा बनाने की विधि, मंगलाचरण, प्रभावशाली वाणी, भाव, श्रोताओं से संवाद और राम-कथा वाचक बनने का क्रमबद्ध प्रशिक्षण-मार्ग सीखिए।

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
सीधा प्रशिक्षण प्राप्त करें

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन

रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता

📅
तारीखें 2, 3 और 4 अक्टूबर 2026
🕣
समय रात 8:30 से 10:30 बजे
💻
प्रारूप सीधा ऑनलाइन प्रशिक्षण • सरल हिंदी
3 दिन सीधा प्रशिक्षण विशेष प्रारम्भिक प्रवेश शुल्क
₹298 + लागू कर

तीनों सीधे सत्र, डिजिटल अध्ययन-सामग्री और पात्र प्रतिभागियों के लिए डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र सहित

✓ शुरुआती साधकों के लिए उपयुक्त ✓ संस्कृत का ज्ञान आवश्यक नहीं ✓ महिलाएँ और पुरुष दोनों जुड़ सकते हैं
राम-कथा वाचक मास्टरक्लास के प्रशिक्षक सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
सीधा प्रशिक्षण सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन के साथ
🙏

भक्ति से अभिव्यक्ति तक—अपनी राम-कथा यात्रा प्रारम्भ करें।

राम-कथा वाचक 3-दिवसीय मास्टर क्लास 2, 3 और 4 अक्टूबर 2026 • रात 8:30 बजे • ₹298 + लागू कर
₹298 में पंजीकरण करें
क्या यह आपकी भी चुनौती है?

क्या आप भी इनमें से किसी स्थिति में हैं?

आपके भीतर श्रीराम की कथा कहने की भावना है, लेकिन सही अध्ययन, अभ्यास और प्रस्तुति की व्यवस्थित दिशा अभी स्पष्ट नहीं है।

रामचरितमानस पढ़ते हैं, लेकिन कथा बनाना नहीं आता

आप चौपाई पढ़ लेते हैं, पर उसका प्रसंग, सरल अर्थ, भावार्थ और वर्तमान जीवन से संबंध जोड़कर प्रभावशाली कथा प्रस्तुत नहीं कर पाते।

लोगों के सामने बोलने में संकोच होता है

मन में श्रद्धा और ज्ञान होने के बाद भी मंच, कैमरे या श्रोताओं के सामने बोलते समय आत्मविश्वास कम हो जाता है।

कथा की शुरुआत कैसे करें, यह स्पष्ट नहीं है

मंगलाचरण, गुरु-वंदना, श्रोताओं का अभिनंदन, कथा का संकल्प और प्रसंग की भूमिका किस क्रम में रखें—इसे लेकर उलझन रहती है।

श्रोता कथा के साथ गहराई से जुड़ नहीं पाते

कथा में जानकारी तो होती है, लेकिन आवाज, भाव, विराम, प्रश्न और श्रोताओं से संवाद की कमी के कारण अपेक्षित प्रभाव नहीं बनता।

राम-कथा वाचक बनने की क्रमबद्ध दिशा नहीं है

क्या पढ़ें, चौपाइयाँ कैसे चुनें, अभ्यास कैसे करें, प्रस्तुति कैसे तैयार करें और आगे अवसर कैसे खोजें—इसका स्पष्ट मार्ग नहीं मिलता।

मंच और ध्वनि-व्यवस्था की तकनीकी जानकारी कम है

माइक्रोफोन की दूरी, ध्वनि-जाँच, कैमरा, प्रकाश, ऑनलाइन प्रसारण और मंच पर सहज व्यवहार जैसी आवश्यक बातें सीखने का अवसर नहीं मिला।

इनमें से एक भी स्थिति आपकी है, तो यह 3-दिवसीय मास्टरक्लास आपकी राम-कथा यात्रा की सही शुरुआत बन सकती है।

पहले से कथा-वाचन का अनुभव या संस्कृत का विशेष ज्ञान आवश्यक नहीं है। सीखने, अभ्यास करने और अपनी वाणी को श्रीराम की सेवा का माध्यम बनाने की इच्छा ही पर्याप्त है।

सीखना, सुनना, कहना और अभ्यास

केवल प्रवचन नहीं - कथा का अभ्यास भी

इस मास्टरक्लास में आप केवल सुनने वाले श्रोता बनकर नहीं बैठेंगे। आप देखेंगे कि कथा कैसे कही जाती है, समझेंगे कि भाव कैसे पकड़ा जाता है, और धीरे-धीरे स्वयं भी कथा कहने का अभ्यास करेंगे।

Sadguru Baba Shri Raj Mahajan के साथ राम-कथा प्रशिक्षण का वातावरण
जीवंत राम-कथा प्रशिक्षण

जहाँ कथा केवल सुनी नहीं जाती, सीखी और साधी भी जाती है

ग्रंथ, भाव, वाणी, अभ्यास, श्रोता और साधना—इन सबको साथ लेकर ही एक राम-कथा वाचक की यात्रा आगे बढ़ती है।

प्रशिक्षण का वातावरण व्यासपीठ • रामचरितमानस • अभ्यास • श्रोता संवाद
01

समझें

चौपाई केवल पढ़ी नहीं जाएगी। उसके पीछे का प्रसंग, पात्र का भाव और जीवन-संदेश सरल भाषा में समझा जाएगा।

02

देखें

मैं स्वयं कथा कहकर दिखाऊँगा, ताकि आप आवाज, विराम, भाव, प्रवाह और श्रोताओं से जुड़ने का तरीका अनुभव कर सकें।

03

बोलें

चुने हुए प्रतिभागियों को छोटी चौपाई या प्रसंग अपनी भाषा में कहने का अवसर मिलेगा, ताकि झिझक टूटे और शुरुआत हो सके।

04

निखारें

कहाँ रुकना है, कहाँ भाव बढ़ाना है, कहाँ श्रोताओं को जोड़ना है— इन सूक्ष्म बिंदुओं को अभ्यास के साथ समझा जाएगा।

चौपाई समझें
उसका भाव पकड़ें
अपनी भाषा में कहें
अभ्यास से प्रभाव बढ़ाएँ

प्रशिक्षण का व्यावहारिक स्वरूप

प्रत्येक दिन मैं पहले विषय समझाऊँगा, फिर उसका उदाहरण दूँगा, ताकि सीखी हुई बात केवल जानकारी बनकर न रह जाए।

  • रामचरितमानस के विषयों की सरल व्याख्या
  • कथा-वाचन का सीधा उदाहरण
  • चौपाई से कथा बनाने की अभ्यास-पद्धति
  • श्रोताओं से जुड़ने के छोटे-छोटे सूत्र
  • मंच और आवाज की प्रारम्भिक समझ
  • घर पर करने योग्य छोटा दैनिक अभ्यास

आपको स्वयं क्या करना होगा?

यह प्रशिक्षण तभी अधिक उपयोगी होगा जब आप मन खोलकर सुनेंगे और थोड़ा-सा बोलने का साहस भी करेंगे।

  • एक चौपाई या छोटा प्रसंग चुनना
  • उसका सरल अर्थ लिखना
  • 2-3 मिनट की छोटी कथा तैयार करना
  • आवाज रिकॉर्ड करके स्वयं सुनना
  • प्राप्त सुझावों के अनुसार दोबारा अभ्यास करना
यही इस मास्टरक्लास की विशेषता है: आप केवल यह नहीं जानेंगे कि कथा कैसे कही जाती है—आप स्वयं कथा कहने की शुरुआत करेंगे।
तीन दिन • समझ से प्रभावशाली प्रस्तुति तक

तीन दिनों में आपकी राम-कथा यात्रा

पहले दिन रामचरितमानस और कथा-वाचक की दृष्टि को समझेंगे, दूसरे दिन व्यासपीठ, वाणी और प्रस्तुति की practical तैयारी करेंगे, और तीसरे दिन storytelling, मंच-कौशल तथा आगे बढ़ने की दिशा सीखेंगे।

01
पहला दिन
समझ • ग्रंथ • दृष्टि

रामचरितमानस की समझ और कथा-वाचक की दृष्टि

कथा कहने से पहले ग्रंथ, उसकी संरचना, भाव और कथा-वाचक की जिम्मेदारी को सही दृष्टि से समझना।

मुख्य अध्ययन

  • रामचरितमानस क्या है और गोस्वामी तुलसीदास जी का उद्देश्य
  • श्रीराम के मानवीय एवं आध्यात्मिक आयाम
  • सात काण्ड — कथा-क्रम और जीवन-संदेश
  • चार प्रमुख संवाद-घाट और उनकी भूमिका
  • चौपाई, दोहा, सोरठा, छंद और श्लोक की पहचान
  • पाठक, वक्ता और कथा-वाचक में वास्तविक अंतर
  • मूल ग्रंथ → व्याख्या → जीवन में अनुप्रयोग
  • कथा-वाचक की जिम्मेदारियाँ, साधना और सेवा-दृष्टि
पहले दिन का परिणाम

आपको स्पष्ट होगा कि कथा में क्या कहना है, किस दृष्टि से कहना है और रामचरितमानस को केवल पढ़ने के बजाय जीवन से जोड़कर कैसे समझना है।

02
दूसरा दिन
व्यासपीठ • वाणी • मर्यादा

व्यासपीठ, तैयारी, वाणी और मर्यादित प्रस्तुति

Theory से आगे बढ़कर कथा-वाचक की वास्तविक practical preparation और व्यासपीठ पर प्रस्तुति की प्रक्रिया।

मुख्य Practical Training

  • व्यासपीठ का Practical Process — प्रवेश से कथा-विराम तक
  • आरती, परिक्रमा, प्रणाम, पूजा, स्तुति, मंगलाचरण और कथा-प्रवेश
  • Musicians के साथ coordination और सही cues
  • मंच से पहले मन, शरीर और कथा-क्रम की तैयारी
  • Pre-Katha Breathing और Mental Checklist
  • Throat Care, ॐकार, Humming और दैनिक स्वर-अभ्यास
  • Vishuddhi awareness और वाणी की सहजता
  • Eye Contact, Audience Connection, मर्यादा और समभाव
  • भाव बनाम Overacting और भीतर नाम-स्मरण
  • कथा-दिवस की दिनचर्या, भोजन, Voice Rest और Mind Diet
  • Mirror Technique, Affirmations, Camera Practice और Styling
दूसरे दिन का परिणाम

व्यासपीठ पर जाने, स्वयं को तैयार करने, आवाज संभालने, श्रोताओं से जुड़ने और मर्यादा के साथ कथा प्रस्तुत करने का practical framework मिलेगा।

03
तीसरा दिन
प्रभाव • मंच • आगे का मार्ग

प्रभावशाली Storytelling, मंच-कौशल और आगे का मार्ग

सीखी हुई प्रस्तुति को अधिक स्पष्ट, जीवंत, प्रभावशाली और वास्तविक मंच के लिए तैयार करना।

मुख्य Advanced Training

  • स्पष्ट उच्चारण, articulation और practical pronunciation exercises
  • Mic Technique और सही working distance
  • कथा-वाचक की तीन पकड़ — आवाज, मंच और विषय
  • Pitch, Pace, Pause, Volume, Modulation और Breath Control
  • Visual, Auditory और Kinesthetic Storytelling
  • भक्ति, वीर, करुण, माधुर्य और हास्य रस के अनुसार प्रस्तुति
  • चौपाई को प्रसंग और भाव के अनुसार प्रस्तुत करना
  • कथा में भजन कहाँ और कैसे जोड़ें
  • Audience Interaction और Participation का संतुलन
  • कथा के बीच भूल जाएँ तो क्या करें
  • Correction, कठिन प्रश्न, Disturbance और Mic Failure संभालना
  • व्यक्तिगत, आध्यात्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक Scope
  • Foundation से Katha Vaachak तक structured आगे का मार्ग
तीसरे दिन का परिणाम

आपको समझ आएगा कि कथा को केवल कहना नहीं, बल्कि आवाज, भाव, storytelling, मंच और परिस्थिति-संभाल के माध्यम से प्रभावशाली कैसे बनाना है और आगे किस दिशा में अभ्यास करना है।

कथा-वाचक की सम्पूर्ण यात्रा

अध्ययन मनन अभ्यास प्रस्तुति सेवा

तीन दिनों के अंत तक आपकी समझ

रामचरितमानस की संरचना और कथा-वाचक की दृष्टि से लेकर व्यासपीठ की practical तैयारी, वाणी, storytelling, audience connection, मंचीय परिस्थितियों और आगे की साधना तक आपको एक स्पष्ट प्रारम्भिक framework मिलेगा।

ज्ञान से प्रस्तुति तक

इन तीन दिनों में लक्ष्य केवल जानकारी देना नहीं है। आप ग्रंथ की समझ, कथा-वाचक की दृष्टि, व्यासपीठ की तैयारी, वाणी, storytelling और मंचीय व्यवहार को एक क्रमबद्ध प्रारम्भिक framework में समझेंगे।

यह 3-Day Masterclass पूर्ण कथा-वाचक प्रशिक्षण का अंत नहीं—एक मजबूत Foundation है। तीन दिनों के बाद आपको यह स्पष्ट होगा कि क्या पढ़ना है, कैसे अभ्यास करना है, अपनी वाणी और प्रस्तुति को कैसे सुधारना है और आगे नियमित अध्ययन, feedback तथा मंच-अनुभव के माध्यम से कथा-वाचक के रूप में कैसे विकसित होना है।
3 दिन • 3 विशेष Guided Meditations

केवल कथा सीखना नहीं—भीतर से तैयार होना भी

प्रभावशाली कथा-वाचन केवल ज्ञान और तकनीक से नहीं आता। मंच पर जाने से पहले मन की स्थिरता, आत्मविश्वास, संकल्प, एकाग्रता और गुरु-इष्ट के प्रति आंतरिक जुड़ाव भी आवश्यक है। इसलिए तीनों दिनों में एक विशेष निर्देशित ध्यान कराया जाएगा।

भय से मुक्ति वाणी में शक्ति संकल्प में दृढ़ता गुरु एवं इष्ट कृपा
DAY 1
🙏

भयमुक्ति एवं गुरु-कृपा ध्यान

Performance fear, झिझक, असफलता की आशंका और भीतर की असुरक्षा को शांत करते हुए गुरु और इष्ट का स्मरण। उद्देश्य है मन को स्थिर करना और कथा-यात्रा के लिए भीतर से सहजता एवं आशीर्वाद का भाव अनुभव करना।

मुख्य भाव:
Fear Release • Inner Safety • Guru Smaran • Acceptance
DAY 2

वाणी, आत्मविश्वास एवं एकाग्रता ध्यान

शांत breathing, गुरु-प्रभु स्मरण और कंठ-केंद्र की awareness के माध्यम से मन और वाणी को केन्द्रित करने का अभ्यास। उद्देश्य है मंच पर सहजता, confidence, focus और अभिव्यक्ति की स्पष्टता को मजबूत करना।

मुख्य भाव:
Voice • Confidence • Focus • Expression
DAY 3
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संकल्प-शक्ति एवं इष्ट-कृपा ध्यान

तीन दिनों की सीख को भीतर स्थापित करते हुए अपनी कथा-यात्रा के संकल्प को मजबूत करना, स्वयं को समर्थ अनुभव करना और गुरु एवं इष्ट-कृपा के भाव से सेवा की दिशा में आगे बढ़ना।

मुख्य भाव:
Will-Power • Confidence • Sankalp • Isht Kripa
मन की स्थिरता मंच का आत्मविश्वास एकाग्रता एवं संकल्प गुरु-इष्ट स्मरण
ज्ञान मन को दिशा देता है—ध्यान भीतर की शक्ति को जागृत करता है। इन तीन Guided Meditations का उद्देश्य है कि आप कथा-वाचन के लिए केवल technically नहीं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से भी अधिक तैयार होकर आगे बढ़ें।
लाइव प्रशिक्षण • डिजिटल प्रमाणपत्र

इस मास्टरक्लास में आपको क्या मिलेगा?

3 दिनों के Live Training में आपको राम-कथा वाचन की मूल समझ, व्यासपीठ, वाणी, प्रस्तुति, storytelling, audience interaction और मंच-कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।

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3-दिवसीय Live Training

तीन जीवंत ऑनलाइन Masterclass सत्र

Sadguru Baba Shri Raj Mahajan के साथ रामचरितमानस की समझ, कथा-वाचक की दृष्टि, व्यासपीठ, वाणी, प्रस्तुति, storytelling और मंच-कौशल का सीधा प्रशिक्षण।

2, 3 और 4 अक्टूबर 2026 • रात्रि 8:30 से 10:30 बजे
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Digital Certificate

सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र

निर्धारित उपस्थिति एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने वाले पात्र प्रतिभागियों को हरी हर सनातन विद्या गुरुकुलम् की ओर से डिजिटल प्रमाणपत्र।

पात्र प्रतिभागी के नाम एवं विशिष्ट प्रमाणपत्र क्रमांक सहित
हरी हर सनातन विद्या गुरुकुलम् का नमूना सहभागिता प्रमाणपत्र
नमूना प्रमाणपत्र

सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र

निर्धारित उपस्थिति और आवश्यक कथा-अभ्यास पूरा करने वाले पात्र प्रतिभागियों को हरी हर सनातन विद्या गुरुकुलम् की ओर से डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

  • कम से कम दो सीधे प्रशिक्षण सत्रों में उपस्थिति
  • एक छोटा कथा-अभ्यास पूरा करना
  • प्रतिक्रिया प्रपत्र जमा करना
  • सही नाम एवं पंजीकरण जानकारी उपलब्ध कराना
  • नाम एवं विशिष्ट प्रमाणपत्र क्रमांक सहित
नोट: यहाँ दिखाया गया प्रमाणपत्र केवल नमूना है। वास्तविक प्रमाणपत्र पात्र प्रतिभागियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद डिजिटल रूप में जारी किया जाएगा।

सीखने से आगे—व्यावहारिक अभ्यास की शुरुआत

इस Live Masterclass का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि आपको कथा-वाचन की सही दिशा, प्रस्तुति की समझ और अपने अभ्यास को व्यवस्थित रूप से शुरू करने का आधार देना है।

विशेष प्रारम्भिक प्रवेश शुल्क

₹298 + 18% GST
कुल ₹351.64

3-Day Live Masterclass + पात्र प्रतिभागियों के लिए Digital Certificate

सबसे मूल्यवान लाभ आपका प्रशिक्षण और अभ्यास है। इस Masterclass के माध्यम से आप राम-कथा कहने की अपनी इच्छा को व्यवस्थित अध्ययन, अभ्यास और सही मार्गदर्शन के साथ एक वास्तविक शुरुआत में बदल पाएँगे।
मार्गदर्शक से परिचय

आप किससे सीखेंगे?

इस मास्टरक्लास में आपको केवल विषय नहीं पढ़ाया जाएगा, बल्कि कथा को हृदय से धारण करके उसे श्रद्धा, भाव, स्पष्टता और प्रभाव के साथ प्रस्तुत करने की दिशा भी दी जाएगी।

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
🪔 राम-कथा • साधना • मार्गदर्शन
सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन

रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता

वर्षों से श्रीराम कथा, भक्ति, साधना और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा को जन-जन तक पहुँचाने वाले सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन इस प्रशिक्षण के माध्यम से ऐसे साधकों को मार्गदर्शन देना चाहते हैं, जिनके हृदय में राम-कथा कहने की सच्ची इच्छा है, पर उन्हें व्यवस्थित दिशा, अभ्यास और प्रस्तुति की कला की आवश्यकता है।

  • रामचरितमानस की आत्मा को सरल, भावपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से समझाने की शैली
  • कथा-वाचन में भाव, उच्चारण, संवाद और श्रोताओं से जुड़ने की व्यावहारिक दिशा
  • आध्यात्मिकता और प्रस्तुति-कौशल का संतुलित मार्गदर्शन
  • नए साधकों को कथा-यात्रा की पहली सीढ़ी पर आत्मविश्वास देना
“राम-कथा केवल शब्दों से नहीं कही जाती; वह श्रद्धा, साधना और भीतर के अनुभव से प्रवाहित होती है।” — सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
इस मास्टरक्लास का उद्देश्य आपको केवल जानकारी देना नहीं है। उद्देश्य यह है कि आप कथा को पढ़ने से आगे बढ़कर उसे समझें, महसूस करें, अभ्यास करें और मर्यादित, प्रभावी तथा भावपूर्ण ढंग से कहना प्रारम्भ करें।
आपके प्रश्नों के सरल उत्तर

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजीकरण से पहले तिथियों, शुल्क, Live Training, Guided Meditation, Certificate और आगे की प्रक्रिया से जुड़े सामान्य प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर यहाँ दिए गए हैं।

2, 3 और 4 अक्टूबर 2026 तीन Live Training Days
रात 8:30 से 10:30 बजे ऑनलाइन Live Session
कुल ₹351.64 ₹298 + 18% GST
क्या रामचरितमानस का पूर्व ज्ञान होना आवश्यक है?

नहीं। यह Masterclass शुरुआती साधकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। रामचरितमानस की मूल संरचना, सात काण्ड, संवाद-घाट और कथा-वाचन की प्रारम्भिक प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई जाएगी।

क्या संस्कृत का ज्ञान आवश्यक है?

नहीं। प्रशिक्षण मुख्य रूप से सरल हिंदी में होगा। रामचरितमानस का अधिकांश भाग लोकभाषा अवधी में है। जहाँ आवश्यक होगा, श्लोक या अन्य पदों का अर्थ और संदर्भ सरल भाषा में समझाया जाएगा।

Masterclass की तारीख और समय क्या है?

तीनों Live Sessions 2, 3 और 4 अक्टूबर 2026 को रात 8:30 से 10:30 बजे आयोजित होंगे। अधिकतम लाभ के लिए तीनों दिनों में उपस्थित रहने की योजना बनाएँ।

क्या महिलाएँ भी इस Masterclass में भाग ले सकती हैं?

जी हाँ। यह Masterclass महिलाओं और पुरुषों, दोनों के लिए है। राम-कथा सीखने की सच्ची इच्छा रखने वाला कोई भी वयस्क प्रतिभागी इसमें भाग ले सकता है।

क्या मैं मोबाइल फोन से Training में जुड़ सकता हूँ?

जी हाँ। आप मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप या कंप्यूटर से जुड़ सकते हैं। बेहतर अनुभव के लिए स्थिर इंटरनेट, शांत स्थान, notebook और pen रखें। Earphones या headphones उपयोगी रहेंगे।

क्या तीनों दिनों में Guided Meditation भी कराया जाएगा?

जी हाँ। तीनों दिनों में एक-एक विशेष Guided Meditation रखा गया है। इनका उद्देश्य performance fear को शांत करने, वाणी और आत्मविश्वास को केन्द्रित करने, संकल्प-शक्ति मजबूत करने तथा गुरु-इष्ट स्मरण के भाव से भीतर की तैयारी में सहायता करना है।

क्या हर प्रतिभागी को Live Session में कथा कहने का अवसर मिलेगा?

समय की सीमा के कारण Live Session में प्रत्येक प्रतिभागी को बोलने का अवसर मिलना संभव नहीं हो सकता। चुने हुए प्रतिभागियों को अभ्यास का अवसर दिया जा सकता है। सभी प्रतिभागियों को घर पर करने योग्य कथा-अभ्यास की स्पष्ट दिशा दी जाएगी।

क्या सभी तीनों Sessions की recording मिलेगी?

यह कार्यक्रम मुख्य रूप से Live Training और सहभागिता के लिए है। Recording उपलब्ध कराने का निर्णय तकनीकी स्थिति और कार्यक्रम की नीति के अनुसार लिया जाएगा। इसलिए registration recording के भरोसे न करें और तीनों Live Sessions में उपस्थित रहने की योजना बनाएँ।

Live Session में अपने पास क्या-क्या रखना चाहिए?

बेहतर सीख और अभ्यास के लिए अपने पास notebook और pen रखें। यदि उपलब्ध हो तो रामचरितमानस भी अपने पास रखें। शांत वातावरण, स्थिर internet connection और earphones या headphones उपयोगी रहेंगे। अभ्यास के समय बैठने की मुद्रा सहज, मर्यादित और ध्यानपूर्ण रखें।

Digital Certificate किसे मिलेगा?

Certificate पात्रता के लिए सामान्यतः कम से कम दो Live Training Sessions में उपस्थिति, एक छोटा कथा-अभ्यास पूरा करना, प्रतिक्रिया प्रपत्र जमा करना तथा सही नाम और registration details उपलब्ध कराना आवश्यक होगा। पात्र प्रतिभागियों को नाम और विशिष्ट certificate number सहित सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण का Digital Certificate जारी किया जाएगा।

यदि किसी दिन Live Session छूट जाए तो क्या होगा?

अधिकतम लाभ के लिए तीनों दिन उपस्थित रहना बेहतर है, क्योंकि हर दिन की सीख अगले चरण से जुड़ी है। किसी Session के छूटने पर अगले Session में सक्रिय रूप से जुड़ें और दिए गए अभ्यास को पूरा करें। Live अभ्यास और संवाद का पूर्ण विकल्प उपलब्ध नहीं माना जाना चाहिए।

क्या ₹298 के अतिरिक्त कोई अनिवार्य शुल्क है?

Entry Fee ₹298 + 18% GST है। Checkout पर कुल भुगतान ₹351.64 होगा। इसमें 3-Day Live Masterclass और पात्र प्रतिभागियों के लिए Digital Certificate शामिल है।

क्या Masterclass के बाद Full Course join करना अनिवार्य है?

नहीं। इस 3-Day Masterclass के बाद किसी भी advanced या Full Course में प्रवेश पूरी तरह वैकल्पिक है। आगे का प्रशिक्षण उन प्रतिभागियों के लिए अलग विकल्प है जो नियमित अध्ययन, अभ्यास, feedback और अधिक विस्तृत प्रशिक्षण जारी रखना चाहते हैं।

क्या Registration Fee वापस की जा सकती है?

यह सीमित शुल्क वाला Live Digital Training Program है। Registration पूरा होने के बाद शुल्क सामान्यतः वापस नहीं किया जाएगा। भुगतान से पहले कृपया 2, 3 और 4 अक्टूबर 2026 की तारीखें, समय और अपनी उपलब्धता जाँच लें।

पंजीकरण से पहले ध्यान रखें

तीनों तारीखें अपने calendar में सुरक्षित रखें। Training के समय शांत स्थान, notebook, pen, earphones और यदि उपलब्ध हो तो रामचरितमानस अपने पास रखें। Live Session में सीखने और अभ्यास के लिए सक्रिय रूप से उपस्थित रहें।

आपका प्रश्न यहाँ नहीं है?

Registration, payment, access link या कार्यक्रम से जुड़ी सहायता के लिए वेबसाइट के आधिकारिक संपर्क माध्यम या आधिकारिक WhatsApp पर संदेश भेजें। Payment और program access से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम से ही स्वीकार करें।

आपकी कथा-यात्रा की पहली सीढ़ी

राम-कथा कहने की इच्छा को अब अभ्यास में बदलिए

केवल सुनते रहने के बजाय अब रामचरितमानस को समझने, कथा तैयार करने, भावपूर्ण ढंग से कहने और अपनी पहली प्रस्तुति की दिशा में आगे बढ़ने का यह अवसर ग्रहण कीजिए।

तारीखें 2, 3 और 4 अक्टूबर 2026
समय रात 8:30 से 10:30 बजे
प्रशिक्षण प्रारूप 3-दिवसीय सीधा ऑनलाइन प्रशिक्षण
विशेष प्रारम्भिक प्रवेश शुल्क ₹298 + लागू कर
₹298 में अभी पंजीकरण करें
✓ शुरुआती साधकों के लिए उपयुक्त ✓ संस्कृत का ज्ञान आवश्यक नहीं ✓ डिजिटल अध्ययन-सामग्री सहित ✓ पात्र प्रतिभागियों के लिए डिजिटल प्रमाणपत्र
यह सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य रामचरितमानस और कथा-वाचन की मूल समझ देना तथा प्रतिभागी को अपनी प्रारम्भिक कथा-यात्रा की दिशा प्रदान करना है।
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