3-दिवसीय सीधी संवादात्मक मास्टरक्लास

क्या आपके हृदय में श्रीराम की कथा कहने की इच्छा है?

रामचरितमानस को केवल पढ़ना नहीं—समझना, अनुभव करना और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना सीखिए।

रामचरितमानस की संरचना, चौपाई से कथा बनाने की विधि, मंगलाचरण, प्रभावशाली वाणी, भाव, श्रोताओं से संवाद और राम-कथा वाचक बनने का क्रमबद्ध प्रशिक्षण-मार्ग सीखिए।

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
सीधा प्रशिक्षण प्राप्त करें

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन

रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता

📅
तारीखें 21, 22 और 23 अगस्त 2026
🕣
समय रात 8:30 से 10:30 बजे
💻
प्रारूप सीधा ऑनलाइन प्रशिक्षण • सरल हिंदी
3 दिन सीधा प्रशिक्षण विशेष प्रारम्भिक प्रवेश शुल्क
₹298 + लागू कर

तीनों सीधे सत्र, डिजिटल अध्ययन-सामग्री और पात्र प्रतिभागियों के लिए डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र सहित

✓ शुरुआती साधकों के लिए उपयुक्त ✓ संस्कृत का ज्ञान आवश्यक नहीं ✓ महिलाएँ और पुरुष दोनों जुड़ सकते हैं
राम-कथा वाचक मास्टरक्लास के प्रशिक्षक सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
सीधा प्रशिक्षण सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन के साथ
🙏

भक्ति से अभिव्यक्ति तक—अपनी राम-कथा यात्रा प्रारम्भ करें।

राम-कथा वाचक 3-दिवसीय मास्टर क्लास 21, 22 और 23 अगस्त 2026 • रात 8:30 बजे • ₹298 + लागू कर
₹298 में पंजीकरण करें
क्या यह आपकी भी चुनौती है?

क्या आप भी इनमें से किसी स्थिति में हैं?

आपके भीतर श्रीराम की कथा कहने की भावना है, लेकिन सही अध्ययन, अभ्यास और प्रस्तुति की व्यवस्थित दिशा अभी स्पष्ट नहीं है।

रामचरितमानस पढ़ते हैं, लेकिन कथा बनाना नहीं आता

आप चौपाई पढ़ लेते हैं, पर उसका प्रसंग, सरल अर्थ, भावार्थ और वर्तमान जीवन से संबंध जोड़कर प्रभावशाली कथा प्रस्तुत नहीं कर पाते।

लोगों के सामने बोलने में संकोच होता है

मन में श्रद्धा और ज्ञान होने के बाद भी मंच, कैमरे या श्रोताओं के सामने बोलते समय आत्मविश्वास कम हो जाता है।

कथा की शुरुआत कैसे करें, यह स्पष्ट नहीं है

मंगलाचरण, गुरु-वंदना, श्रोताओं का अभिनंदन, कथा का संकल्प और प्रसंग की भूमिका किस क्रम में रखें—इसे लेकर उलझन रहती है।

श्रोता कथा के साथ गहराई से जुड़ नहीं पाते

कथा में जानकारी तो होती है, लेकिन आवाज, भाव, विराम, प्रश्न और श्रोताओं से संवाद की कमी के कारण अपेक्षित प्रभाव नहीं बनता।

राम-कथा वाचक बनने की क्रमबद्ध दिशा नहीं है

क्या पढ़ें, चौपाइयाँ कैसे चुनें, अभ्यास कैसे करें, प्रस्तुति कैसे तैयार करें और आगे अवसर कैसे खोजें—इसका स्पष्ट मार्ग नहीं मिलता।

मंच और ध्वनि-व्यवस्था की तकनीकी जानकारी कम है

माइक्रोफोन की दूरी, ध्वनि-जाँच, कैमरा, प्रकाश, ऑनलाइन प्रसारण और मंच पर सहज व्यवहार जैसी आवश्यक बातें सीखने का अवसर नहीं मिला।

इनमें से एक भी स्थिति आपकी है, तो यह 3-दिवसीय मास्टरक्लास आपकी राम-कथा यात्रा की सही शुरुआत बन सकती है।

पहले से कथा-वाचन का अनुभव या संस्कृत का विशेष ज्ञान आवश्यक नहीं है। सीखने, अभ्यास करने और अपनी वाणी को श्रीराम की सेवा का माध्यम बनाने की इच्छा ही पर्याप्त है।

सीखना, सुनना, कहना और अभ्यास

केवल प्रवचन नहीं - कथा का अभ्यास भी

इस मास्टरक्लास में आप केवल सुनने वाले श्रोता बनकर नहीं बैठेंगे। आप देखेंगे कि कथा कैसे कही जाती है, समझेंगे कि भाव कैसे पकड़ा जाता है, और धीरे-धीरे स्वयं भी कथा कहने का अभ्यास करेंगे।

Sadguru Baba Shri Raj Mahajan के साथ राम-कथा प्रशिक्षण का वातावरण
जीवंत राम-कथा प्रशिक्षण

जहाँ कथा केवल सुनी नहीं जाती, सीखी और साधी भी जाती है

ग्रंथ, भाव, वाणी, अभ्यास, श्रोता और साधना—इन सबको साथ लेकर ही एक राम-कथा वाचक की यात्रा आगे बढ़ती है।

प्रशिक्षण का वातावरण व्यासपीठ • रामचरितमानस • अभ्यास • श्रोता संवाद
01

समझें

चौपाई केवल पढ़ी नहीं जाएगी। उसके पीछे का प्रसंग, पात्र का भाव और जीवन-संदेश सरल भाषा में समझा जाएगा।

02

देखें

मैं स्वयं कथा कहकर दिखाऊँगा, ताकि आप आवाज, विराम, भाव, प्रवाह और श्रोताओं से जुड़ने का तरीका अनुभव कर सकें।

03

बोलें

चुने हुए प्रतिभागियों को छोटी चौपाई या प्रसंग अपनी भाषा में कहने का अवसर मिलेगा, ताकि झिझक टूटे और शुरुआत हो सके।

04

निखारें

कहाँ रुकना है, कहाँ भाव बढ़ाना है, कहाँ श्रोताओं को जोड़ना है— इन सूक्ष्म बिंदुओं को अभ्यास के साथ समझा जाएगा।

चौपाई समझें
उसका भाव पकड़ें
अपनी भाषा में कहें
अभ्यास से प्रभाव बढ़ाएँ

प्रशिक्षण का व्यावहारिक स्वरूप

प्रत्येक दिन मैं पहले विषय समझाऊँगा, फिर उसका उदाहरण दूँगा, ताकि सीखी हुई बात केवल जानकारी बनकर न रह जाए।

  • रामचरितमानस के विषयों की सरल व्याख्या
  • कथा-वाचन का सीधा उदाहरण
  • चौपाई से कथा बनाने की अभ्यास-पद्धति
  • श्रोताओं से जुड़ने के छोटे-छोटे सूत्र
  • मंच और आवाज की प्रारम्भिक समझ
  • घर पर करने योग्य छोटा दैनिक अभ्यास

आपको स्वयं क्या करना होगा?

यह प्रशिक्षण तभी अधिक उपयोगी होगा जब आप मन खोलकर सुनेंगे और थोड़ा-सा बोलने का साहस भी करेंगे।

  • एक चौपाई या छोटा प्रसंग चुनना
  • उसका सरल अर्थ लिखना
  • 2-3 मिनट की छोटी कथा तैयार करना
  • आवाज रिकॉर्ड करके स्वयं सुनना
  • प्राप्त सुझावों के अनुसार दोबारा अभ्यास करना
यही इस मास्टरक्लास की विशेषता है: आप केवल यह नहीं जानेंगे कि कथा कैसे कही जाती है—आप स्वयं कथा कहने की शुरुआत करेंगे।
तीन दिन • तीन स्पष्ट पड़ाव

तीन दिनों में आपकी कथा-यात्रा कहाँ से कहाँ पहुँचेगी?

पहले दिन हम रामचरितमानस को समझेंगे, दूसरे दिन कथा कहने की कला का अभ्यास करेंगे और तीसरे दिन मंच, मंगलाचरण तथा आगे की दिशा को स्पष्ट करेंगे।

01
पहला दिन

रामचरितमानस को समझने की सही शुरुआत

कथा कहने से पहले यह जानना आवश्यक है कि मानस की रचना, संरचना और प्रवाह क्या है।

इस दिन हम जानेंगे:

  • गोस्वामी तुलसीदास जी और रामचरितमानस का उद्देश्य
  • सातों काण्डों का सहज परिचय
  • चार घाट और संवाद-परम्परा का सरल अर्थ
  • चौपाई, दोहा, सोरठा, छंद और श्लोक का अंतर
  • कथा-वाचक और सामान्य पाठक में अंतर
  • रामकथा को जीवन से जोड़कर कैसे समझें
आपका छोटा अभ्यास

अपना परिचय देंगे, कथा सीखने का कारण बताएँगे और किसी एक प्रिय चौपाई का संक्षिप्त पाठ करेंगे।

02
दूसरा दिन

चौपाई को कथा में बदलने की कला

केवल अर्थ बताना कथा नहीं है। कथा तब बनती है, जब प्रसंग, भाव और जीवन-संदेश एक साथ जुड़ते हैं।

इस दिन हम सीखेंगे:

  • चौपाई से पहले प्रसंग कैसे तैयार करें
  • पात्र की मनःस्थिति को कैसे समझें
  • सरल अर्थ और गहरे भावार्थ में अंतर
  • कथा को आज के जीवन से कैसे जोड़ें
  • आवाज, गति और विराम का प्रभाव
  • श्रोताओं से सहज संवाद कैसे करें
आपका छोटा अभ्यास

चुने हुए प्रतिभागी 2–3 मिनट में किसी चौपाई या प्रसंग को अपनी भाषा में कहने का प्रयास करेंगे।

03
तीसरा दिन

मंच, मंगलाचरण और आगे का मार्ग

कथा का ज्ञान तभी प्रभावी बनता है, जब वाचक स्वयं को मंच, श्रोता और अवसर के लिए तैयार कर सके।

इस दिन हम समझेंगे:

  • कथा से पहले मन और वाणी की तैयारी
  • मंगलाचरण का सरल और व्यवस्थित क्रम
  • कथा की प्रभावशाली शुरुआत कैसे करें
  • मंच-भय और झिझक से कैसे बाहर आएँ
  • माइक्रोफोन और ध्वनि-व्यवस्था की मूल बातें
  • राम-कथा वाचक बनने की आगे की अध्ययन-दिशा
अंतिम प्रस्तुति

चुने हुए प्रतिभागी 3–5 मिनट की छोटी कथा प्रस्तुत करेंगे और अपने आगे के अभ्यास के लिए सुझाव प्राप्त करेंगे।

तीन दिन बाद आप क्या समझ पाएँगे?

आप रामचरितमानस की मूल संरचना, कथा की तैयारी, चौपाई के अर्थ, भावपूर्ण प्रस्तुति, मंगलाचरण और मंच की शुरुआती आवश्यकताओं को एक स्पष्ट क्रम में समझ पाएँगे।

सबसे बड़ा परिणाम

आपके भीतर जो कथा कहने की इच्छा है, उसे पहली बार एक स्पष्ट दिशा, छोटा अभ्यास और बोलने का प्रारम्भिक आत्मविश्वास मिलेगा।

यह तीन दिन पूरी रामकथा का अंत नहीं, आपकी यात्रा की शुरुआत हैं। उद्देश्य यह है कि आप समझ सकें—अब क्या पढ़ना है, कैसे अभ्यास करना है और अपनी वाणी को धीरे-धीरे कथा के योग्य कैसे बनाना है।
प्रशिक्षण के साथ डिजिटल सामग्री भी

इस मास्टरक्लास में आपको क्या-क्या मिलेगा?

तीन दिनों के प्रशिक्षण के साथ आपको उपयोगी डिजिटल सामग्री भी दी जाएगी, जिससे कक्षा समाप्त होने के बाद आप अपने अभ्यास को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ा सकें।

सीधा प्रशिक्षण

तीन जीवंत ऑनलाइन सत्र

तीनों दिन Sadguru Baba Shri Raj Mahajan के साथ सीधा प्रशिक्षण, उदाहरण, प्रश्नोत्तर और चुने हुए प्रतिभागियों के कथा-अभ्यास का अवसर।

21, 22 और 23 अगस्त 2026
डाउनलोड योग्य PDF

राम-कथा वाचक डिजिटल वर्कबुक

सात काण्डों की रूपरेखा, चार घाट, काव्य-रूप, कथा की तैयारी और अपने अभ्यास को लिखने के लिए सरल डिजिटल वर्कबुक।

PDF प्रारूप में उपलब्ध
PDF मार्गदर्शिका

मंगलाचरण और कथा की शुरुआत की गाइड

गुरु-वंदना, श्रीसीताराम स्मरण, ग्रंथ प्रणाम, श्रोताओं का अभिनंदन और कथा की भूमिका रखने का सरल और स्पष्ट क्रम।

पहली प्रस्तुति के लिए उपयोगी
अभ्यास शीट

चौपाई से कथा बनाने की डिजिटल शीट

प्रसंग, पात्र, मूल चौपाई, सरल अर्थ, भावार्थ, जीवन-संदेश और समापन को एक क्रम में तैयार करने के लिए सरल अभ्यास शीट।

अपनी पहली छोटी कथा तैयार करें
डिजिटल ट्रैकर

21-दिवसीय कथा-वाणी अभ्यास ट्रैकर

रोज़ थोड़ा पाठ, उच्चारण, आवाज, रिकॉर्डिंग और छोटी कथा का अभ्यास करने के लिए सरल दैनिक ट्रैकर।

नियमित अभ्यास की आदत बनाने के लिए
डिजिटल गाइड

आगे के कदमों की स्पष्ट मार्गदर्शिका

आगे क्या पढ़ें, किस प्रकार अभ्यास करें, अपना छोटा परिचय और कथा-नमूना कैसे तैयार करें तथा पहला सत्संग कहाँ से शुरू करें।

अध्ययन से पहली प्रस्तुति तक
महत्वपूर्ण: मास्टरक्लास के साथ दी जाने वाली सभी अध्ययन-सामग्री डिजिटल रूप में होगी, जैसे PDF, eBook, डिजिटल वर्कबुक, अभ्यास शीट और डाउनलोड योग्य सामग्री।
हरि हर सनातन विद्या गुरुकुलम् का नमूना सहभागिता प्रमाणपत्र
नमूना प्रमाणपत्र

सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र

निर्धारित उपस्थिति और आवश्यक कथा-अभ्यास पूरा करने वाले पात्र प्रतिभागियों को हरि हर सनातन विद्या गुरुकुलम् की ओर से डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

  • कम से कम दो सीधे प्रशिक्षण सत्रों में उपस्थिति
  • एक छोटा कथा-अभ्यास पूरा करना
  • प्रतिक्रिया प्रपत्र जमा करना
  • सही नाम और पंजीकरण जानकारी उपलब्ध कराना
  • प्रतिभागी के नाम और विशिष्ट प्रमाणपत्र क्रमांक सहित
नोट: यहाँ दिखाया गया प्रमाणपत्र केवल नमूना है। वास्तविक प्रमाणपत्र पात्र प्रतिभागियों को कार्यक्रम की निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद डिजिटल रूप में जारी किया जाएगा।

केवल PDF नहीं—कथा कहने की वास्तविक शुरुआत

सभी डिजिटल सामग्री को इस तरह बनाया जाएगा कि आप केवल पढ़ें नहीं, बल्कि लिखें, बोलें, रिकॉर्ड करें और अपनी पहली छोटी कथा व्यवस्थित रूप से तैयार कर सकें।

विशेष प्रारम्भिक प्रवेश शुल्क

₹298 + लागू कर

तीनों सीधे सत्र और बताई गई डिजिटल अध्ययन-सामग्री सहित

सबसे मूल्यवान चीज़ PDF या प्रमाणपत्र नहीं होगा। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि आप कथा कहने की अपनी इच्छा को पहली बार वास्तविक अभ्यास में बदल पाएँगे।
मार्गदर्शक से परिचय

आप किससे सीखेंगे?

इस मास्टरक्लास में आपको केवल विषय नहीं पढ़ाया जाएगा, बल्कि कथा को हृदय से धारण करके उसे श्रद्धा, भाव, स्पष्टता और प्रभाव के साथ प्रस्तुत करने की दिशा भी दी जाएगी।

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
🪔 राम-कथा • साधना • मार्गदर्शन
सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन

रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता

वर्षों से श्रीराम कथा, भक्ति, साधना और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा को जन-जन तक पहुँचाने वाले सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन इस प्रशिक्षण के माध्यम से ऐसे साधकों को मार्गदर्शन देना चाहते हैं, जिनके हृदय में राम-कथा कहने की सच्ची इच्छा है, पर उन्हें व्यवस्थित दिशा, अभ्यास और प्रस्तुति की कला की आवश्यकता है।

  • रामचरितमानस की आत्मा को सरल, भावपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से समझाने की शैली
  • कथा-वाचन में भाव, उच्चारण, संवाद और श्रोताओं से जुड़ने की व्यावहारिक दिशा
  • आध्यात्मिकता और प्रस्तुति-कौशल का संतुलित मार्गदर्शन
  • नए साधकों को कथा-यात्रा की पहली सीढ़ी पर आत्मविश्वास देना
“राम-कथा केवल शब्दों से नहीं कही जाती; वह श्रद्धा, साधना और भीतर के अनुभव से प्रवाहित होती है।” — सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
इस मास्टरक्लास का उद्देश्य आपको केवल जानकारी देना नहीं है। उद्देश्य यह है कि आप कथा को पढ़ने से आगे बढ़कर उसे समझें, महसूस करें, अभ्यास करें और मर्यादित, प्रभावी तथा भावपूर्ण ढंग से कहना प्रारम्भ करें।
आपके प्रश्नों के सरल उत्तर

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजीकरण से पहले आपके मन में आने वाले सामान्य प्रश्नों के उत्तर यहाँ स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।

क्या रामचरितमानस का पूर्व ज्ञान होना आवश्यक है?

नहीं। यह मास्टरक्लास विशेष रूप से शुरुआती साधकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। रामचरितमानस की मूल संरचना और कथा-वाचन की शुरुआती प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई जाएगी।

क्या संस्कृत का ज्ञान आवश्यक है?

नहीं। प्रशिक्षण मुख्य रूप से सरल हिंदी में होगा। चौपाई, दोहा, सोरठा और अन्य काव्य-रूपों को भी आसान उदाहरणों के साथ समझाया जाएगा।

क्या महिलाएँ भी इस मास्टरक्लास में भाग ले सकती हैं?

जी हाँ। यह मास्टरक्लास महिलाओं और पुरुषों, दोनों के लिए है। राम-कथा सीखने की सच्ची इच्छा रखने वाला कोई भी वयस्क इसमें भाग ले सकता है।

क्या मैं मोबाइल फोन से प्रशिक्षण में जुड़ सकता हूँ?

जी हाँ। आप मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप या कंप्यूटर से जुड़ सकते हैं। बेहतर अनुभव के लिए स्थिर इंटरनेट, शांत स्थान और earphones या headphones का उपयोग करना उपयोगी रहेगा।

क्या हर प्रतिभागी को कथा कहने का अवसर मिलेगा?

समय की सीमा के कारण सीधे सत्र में केवल चुने हुए प्रतिभागियों को बोलने का अवसर मिल सकता है। लेकिन सभी प्रतिभागियों को अभ्यास की स्पष्ट विधि और घर पर करने योग्य अभ्यास दिया जाएगा।

क्या सभी तीनों सत्रों की recording मिलेगी?

यह कार्यक्रम मुख्य रूप से सीधे प्रशिक्षण और सहभागिता के लिए है। Recording उपलब्ध कराने का निर्णय तकनीकी स्थिति और कार्यक्रम की नीति के अनुसार लिया जाएगा। इसलिए पंजीकरण केवल recording के भरोसे न करें और तीनों सीधे सत्रों में उपस्थित रहने की योजना बनाएँ।

डिजिटल सामग्री कब और कैसे मिलेगी?

पंजीकृत प्रतिभागियों को आवश्यक PDF, eBook, डिजिटल वर्कबुक, अभ्यास शीट या अन्य सामग्री WhatsApp, email या सुरक्षित download link के माध्यम से दी जा सकती है। अलग-अलग सामग्री सत्र से पहले, सत्र के दौरान या कार्यक्रम के बाद साझा की जाएगी।

डिजिटल प्रमाणपत्र किसे मिलेगा?

निर्धारित उपस्थिति, आवश्यक कथा-अभ्यास और प्रतिक्रिया प्रपत्र पूरा करने वाले पात्र प्रतिभागियों को सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण का डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। प्रमाणपत्र पूर्ण या व्यावसायिक राम-कथा वाचक योग्यता का प्रमाण नहीं होगा।

किसी दिन live session छूट जाए तो क्या होगा?

अधिकतम लाभ के लिए तीनों दिन उपस्थित रहना आवश्यक है, क्योंकि हर दिन का विषय अगले दिन से जुड़ा होगा। किसी सत्र के छूटने पर उपलब्ध digital notes से सहायता मिल सकती है, लेकिन live अभ्यास और संवाद का पूरा विकल्प नहीं मिलेगा।

क्या ₹298 के अतिरिक्त कोई अनिवार्य शुल्क है?

प्रवेश शुल्क ₹298 + लागू कर है। इस मास्टरक्लास में बताए गए तीन सीधे सत्र और घोषित digital material इसी शुल्क में शामिल हैं। भविष्य के किसी उन्नत पाठ्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह वैकल्पिक होगा।

क्या पंजीकरण शुल्क वापस किया जा सकता है?

यह सीमित शुल्क वाला live digital कार्यक्रम है। पंजीकरण पूरा होने के बाद शुल्क सामान्यतः वापस नहीं किया जाएगा। भुगतान से पहले तारीख, समय और अपनी उपलब्धता अवश्य जाँच लें।

पंजीकरण से पहले ध्यान रखें

तीनों तारीखें अपने calendar में सुरक्षित रखें और training के समय शांत स्थान, notebook, pen, earphones तथा रामचरितमानस उपलब्ध रखें।

आपका प्रश्न यहाँ नहीं है?

पंजीकरण से संबंधित आवश्यक सहायता के लिए वेबसाइट के संपर्क माध्यम या आधिकारिक WhatsApp पर संदेश भेजें। भुगतान, link और कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम से ही स्वीकार करें।

आपकी कथा-यात्रा की पहली सीढ़ी

राम-कथा कहने की इच्छा को अब अभ्यास में बदलिए

केवल सुनते रहने के बजाय अब रामचरितमानस को समझने, कथा तैयार करने, भावपूर्ण ढंग से कहने और अपनी पहली प्रस्तुति की दिशा में आगे बढ़ने का यह अवसर ग्रहण कीजिए।

तारीखें 21, 22 और 23 अगस्त 2026
समय रात 8:30 से 10:30 बजे
प्रशिक्षण प्रारूप 3-दिवसीय सीधा ऑनलाइन प्रशिक्षण
विशेष प्रारम्भिक प्रवेश शुल्क ₹298 + लागू कर
₹298 में अभी पंजीकरण करें
✓ शुरुआती साधकों के लिए उपयुक्त ✓ संस्कृत का ज्ञान आवश्यक नहीं ✓ डिजिटल अध्ययन-सामग्री सहित ✓ पात्र प्रतिभागियों के लिए डिजिटल प्रमाणपत्र
यह सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य रामचरितमानस और कथा-वाचन की मूल समझ देना तथा प्रतिभागी को अपनी प्रारम्भिक कथा-यात्रा की दिशा प्रदान करना है।
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