रामचरितमानस पढ़ते हैं, लेकिन कथा बनाना नहीं आता
आप चौपाई पढ़ लेते हैं, पर उसका प्रसंग, सरल अर्थ, भावार्थ और वर्तमान जीवन से संबंध जोड़कर प्रभावशाली कथा प्रस्तुत नहीं कर पाते।
रामचरितमानस की संरचना, चौपाई से कथा बनाने की विधि, मंगलाचरण, प्रभावशाली वाणी, भाव, श्रोताओं से संवाद और राम-कथा वाचक बनने का क्रमबद्ध प्रशिक्षण-मार्ग सीखिए।
रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता
तीनों सीधे सत्र, डिजिटल अध्ययन-सामग्री और पात्र प्रतिभागियों के लिए डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र सहित
भक्ति से अभिव्यक्ति तक—अपनी राम-कथा यात्रा प्रारम्भ करें।
आपके भीतर श्रीराम की कथा कहने की भावना है, लेकिन सही अध्ययन, अभ्यास और प्रस्तुति की व्यवस्थित दिशा अभी स्पष्ट नहीं है।
आप चौपाई पढ़ लेते हैं, पर उसका प्रसंग, सरल अर्थ, भावार्थ और वर्तमान जीवन से संबंध जोड़कर प्रभावशाली कथा प्रस्तुत नहीं कर पाते।
मन में श्रद्धा और ज्ञान होने के बाद भी मंच, कैमरे या श्रोताओं के सामने बोलते समय आत्मविश्वास कम हो जाता है।
मंगलाचरण, गुरु-वंदना, श्रोताओं का अभिनंदन, कथा का संकल्प और प्रसंग की भूमिका किस क्रम में रखें—इसे लेकर उलझन रहती है।
कथा में जानकारी तो होती है, लेकिन आवाज, भाव, विराम, प्रश्न और श्रोताओं से संवाद की कमी के कारण अपेक्षित प्रभाव नहीं बनता।
क्या पढ़ें, चौपाइयाँ कैसे चुनें, अभ्यास कैसे करें, प्रस्तुति कैसे तैयार करें और आगे अवसर कैसे खोजें—इसका स्पष्ट मार्ग नहीं मिलता।
माइक्रोफोन की दूरी, ध्वनि-जाँच, कैमरा, प्रकाश, ऑनलाइन प्रसारण और मंच पर सहज व्यवहार जैसी आवश्यक बातें सीखने का अवसर नहीं मिला।
इनमें से एक भी स्थिति आपकी है, तो यह 3-दिवसीय मास्टरक्लास आपकी राम-कथा यात्रा की सही शुरुआत बन सकती है।
पहले से कथा-वाचन का अनुभव या संस्कृत का विशेष ज्ञान आवश्यक नहीं है। सीखने, अभ्यास करने और अपनी वाणी को श्रीराम की सेवा का माध्यम बनाने की इच्छा ही पर्याप्त है।
इस मास्टरक्लास में आप केवल सुनने वाले श्रोता बनकर नहीं बैठेंगे। आप देखेंगे कि कथा कैसे कही जाती है, समझेंगे कि भाव कैसे पकड़ा जाता है, और धीरे-धीरे स्वयं भी कथा कहने का अभ्यास करेंगे।
ग्रंथ, भाव, वाणी, अभ्यास, श्रोता और साधना—इन सबको साथ लेकर ही एक राम-कथा वाचक की यात्रा आगे बढ़ती है।
चौपाई केवल पढ़ी नहीं जाएगी। उसके पीछे का प्रसंग, पात्र का भाव और जीवन-संदेश सरल भाषा में समझा जाएगा।
मैं स्वयं कथा कहकर दिखाऊँगा, ताकि आप आवाज, विराम, भाव, प्रवाह और श्रोताओं से जुड़ने का तरीका अनुभव कर सकें।
चुने हुए प्रतिभागियों को छोटी चौपाई या प्रसंग अपनी भाषा में कहने का अवसर मिलेगा, ताकि झिझक टूटे और शुरुआत हो सके।
कहाँ रुकना है, कहाँ भाव बढ़ाना है, कहाँ श्रोताओं को जोड़ना है— इन सूक्ष्म बिंदुओं को अभ्यास के साथ समझा जाएगा।
प्रत्येक दिन मैं पहले विषय समझाऊँगा, फिर उसका उदाहरण दूँगा, ताकि सीखी हुई बात केवल जानकारी बनकर न रह जाए।
यह प्रशिक्षण तभी अधिक उपयोगी होगा जब आप मन खोलकर सुनेंगे और थोड़ा-सा बोलने का साहस भी करेंगे।
पहले दिन हम रामचरितमानस को समझेंगे, दूसरे दिन कथा कहने की कला का अभ्यास करेंगे और तीसरे दिन मंच, मंगलाचरण तथा आगे की दिशा को स्पष्ट करेंगे।
कथा कहने से पहले यह जानना आवश्यक है कि मानस की रचना, संरचना और प्रवाह क्या है।
अपना परिचय देंगे, कथा सीखने का कारण बताएँगे और किसी एक प्रिय चौपाई का संक्षिप्त पाठ करेंगे।
केवल अर्थ बताना कथा नहीं है। कथा तब बनती है, जब प्रसंग, भाव और जीवन-संदेश एक साथ जुड़ते हैं।
चुने हुए प्रतिभागी 2–3 मिनट में किसी चौपाई या प्रसंग को अपनी भाषा में कहने का प्रयास करेंगे।
कथा का ज्ञान तभी प्रभावी बनता है, जब वाचक स्वयं को मंच, श्रोता और अवसर के लिए तैयार कर सके।
चुने हुए प्रतिभागी 3–5 मिनट की छोटी कथा प्रस्तुत करेंगे और अपने आगे के अभ्यास के लिए सुझाव प्राप्त करेंगे।
आप रामचरितमानस की मूल संरचना, कथा की तैयारी, चौपाई के अर्थ, भावपूर्ण प्रस्तुति, मंगलाचरण और मंच की शुरुआती आवश्यकताओं को एक स्पष्ट क्रम में समझ पाएँगे।
आपके भीतर जो कथा कहने की इच्छा है, उसे पहली बार एक स्पष्ट दिशा, छोटा अभ्यास और बोलने का प्रारम्भिक आत्मविश्वास मिलेगा।
तीन दिनों के प्रशिक्षण के साथ आपको उपयोगी डिजिटल सामग्री भी दी जाएगी, जिससे कक्षा समाप्त होने के बाद आप अपने अभ्यास को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ा सकें।
तीनों दिन Sadguru Baba Shri Raj Mahajan के साथ सीधा प्रशिक्षण, उदाहरण, प्रश्नोत्तर और चुने हुए प्रतिभागियों के कथा-अभ्यास का अवसर।
सात काण्डों की रूपरेखा, चार घाट, काव्य-रूप, कथा की तैयारी और अपने अभ्यास को लिखने के लिए सरल डिजिटल वर्कबुक।
गुरु-वंदना, श्रीसीताराम स्मरण, ग्रंथ प्रणाम, श्रोताओं का अभिनंदन और कथा की भूमिका रखने का सरल और स्पष्ट क्रम।
प्रसंग, पात्र, मूल चौपाई, सरल अर्थ, भावार्थ, जीवन-संदेश और समापन को एक क्रम में तैयार करने के लिए सरल अभ्यास शीट।
रोज़ थोड़ा पाठ, उच्चारण, आवाज, रिकॉर्डिंग और छोटी कथा का अभ्यास करने के लिए सरल दैनिक ट्रैकर।
आगे क्या पढ़ें, किस प्रकार अभ्यास करें, अपना छोटा परिचय और कथा-नमूना कैसे तैयार करें तथा पहला सत्संग कहाँ से शुरू करें।
निर्धारित उपस्थिति और आवश्यक कथा-अभ्यास पूरा करने वाले पात्र प्रतिभागियों को हरि हर सनातन विद्या गुरुकुलम् की ओर से डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
सभी डिजिटल सामग्री को इस तरह बनाया जाएगा कि आप केवल पढ़ें नहीं, बल्कि लिखें, बोलें, रिकॉर्ड करें और अपनी पहली छोटी कथा व्यवस्थित रूप से तैयार कर सकें।
तीनों सीधे सत्र और बताई गई डिजिटल अध्ययन-सामग्री सहित
इस मास्टरक्लास में आपको केवल विषय नहीं पढ़ाया जाएगा, बल्कि कथा को हृदय से धारण करके उसे श्रद्धा, भाव, स्पष्टता और प्रभाव के साथ प्रस्तुत करने की दिशा भी दी जाएगी।
रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता
वर्षों से श्रीराम कथा, भक्ति, साधना और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा को जन-जन तक पहुँचाने वाले सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन इस प्रशिक्षण के माध्यम से ऐसे साधकों को मार्गदर्शन देना चाहते हैं, जिनके हृदय में राम-कथा कहने की सच्ची इच्छा है, पर उन्हें व्यवस्थित दिशा, अभ्यास और प्रस्तुति की कला की आवश्यकता है।
पंजीकरण से पहले आपके मन में आने वाले सामान्य प्रश्नों के उत्तर यहाँ स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।
नहीं। यह मास्टरक्लास विशेष रूप से शुरुआती साधकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। रामचरितमानस की मूल संरचना और कथा-वाचन की शुरुआती प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई जाएगी।
नहीं। प्रशिक्षण मुख्य रूप से सरल हिंदी में होगा। चौपाई, दोहा, सोरठा और अन्य काव्य-रूपों को भी आसान उदाहरणों के साथ समझाया जाएगा।
जी हाँ। यह मास्टरक्लास महिलाओं और पुरुषों, दोनों के लिए है। राम-कथा सीखने की सच्ची इच्छा रखने वाला कोई भी वयस्क इसमें भाग ले सकता है।
जी हाँ। आप मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप या कंप्यूटर से जुड़ सकते हैं। बेहतर अनुभव के लिए स्थिर इंटरनेट, शांत स्थान और earphones या headphones का उपयोग करना उपयोगी रहेगा।
समय की सीमा के कारण सीधे सत्र में केवल चुने हुए प्रतिभागियों को बोलने का अवसर मिल सकता है। लेकिन सभी प्रतिभागियों को अभ्यास की स्पष्ट विधि और घर पर करने योग्य अभ्यास दिया जाएगा।
यह कार्यक्रम मुख्य रूप से सीधे प्रशिक्षण और सहभागिता के लिए है। Recording उपलब्ध कराने का निर्णय तकनीकी स्थिति और कार्यक्रम की नीति के अनुसार लिया जाएगा। इसलिए पंजीकरण केवल recording के भरोसे न करें और तीनों सीधे सत्रों में उपस्थित रहने की योजना बनाएँ।
पंजीकृत प्रतिभागियों को आवश्यक PDF, eBook, डिजिटल वर्कबुक, अभ्यास शीट या अन्य सामग्री WhatsApp, email या सुरक्षित download link के माध्यम से दी जा सकती है। अलग-अलग सामग्री सत्र से पहले, सत्र के दौरान या कार्यक्रम के बाद साझा की जाएगी।
निर्धारित उपस्थिति, आवश्यक कथा-अभ्यास और प्रतिक्रिया प्रपत्र पूरा करने वाले पात्र प्रतिभागियों को सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण का डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। प्रमाणपत्र पूर्ण या व्यावसायिक राम-कथा वाचक योग्यता का प्रमाण नहीं होगा।
अधिकतम लाभ के लिए तीनों दिन उपस्थित रहना आवश्यक है, क्योंकि हर दिन का विषय अगले दिन से जुड़ा होगा। किसी सत्र के छूटने पर उपलब्ध digital notes से सहायता मिल सकती है, लेकिन live अभ्यास और संवाद का पूरा विकल्प नहीं मिलेगा।
प्रवेश शुल्क ₹298 + लागू कर है। इस मास्टरक्लास में बताए गए तीन सीधे सत्र और घोषित digital material इसी शुल्क में शामिल हैं। भविष्य के किसी उन्नत पाठ्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह वैकल्पिक होगा।
यह सीमित शुल्क वाला live digital कार्यक्रम है। पंजीकरण पूरा होने के बाद शुल्क सामान्यतः वापस नहीं किया जाएगा। भुगतान से पहले तारीख, समय और अपनी उपलब्धता अवश्य जाँच लें।
तीनों तारीखें अपने calendar में सुरक्षित रखें और training के समय शांत स्थान, notebook, pen, earphones तथा रामचरितमानस उपलब्ध रखें।
पंजीकरण से संबंधित आवश्यक सहायता के लिए वेबसाइट के संपर्क माध्यम या आधिकारिक WhatsApp पर संदेश भेजें। भुगतान, link और कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम से ही स्वीकार करें।
केवल सुनते रहने के बजाय अब रामचरितमानस को समझने, कथा तैयार करने, भावपूर्ण ढंग से कहने और अपनी पहली प्रस्तुति की दिशा में आगे बढ़ने का यह अवसर ग्रहण कीजिए।