दिसंबर बैच • 3-दिवसीय सीधी संवादात्मक मास्टरक्लास

क्या आपके हृदय में श्रीराम की कथा कहने की इच्छा है?

रामचरितमानस को केवल पढ़ना नहीं—समझना, अनुभव करना और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना सीखिए।

रामचरितमानस की संरचना, चौपाई से कथा बनाने की विधि, मंगलाचरण, प्रभावशाली वाणी, भाव, श्रोताओं से संवाद और राम-कथा वाचक बनने का क्रमबद्ध प्रशिक्षण-मार्ग सीखिए।

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
सीधा प्रशिक्षण प्राप्त करें

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन

रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता

📅
दिसंबर बैच की तारीखें 4, 5 और 6 दिसंबर 2026
🕗
समय (भारतीय समय) रात 8:00 से 10:30 बजे
💻
प्रारूप सीधा ऑनलाइन प्रशिक्षण • सरल हिंदी
3 दिन सीधा प्रशिक्षण विशेष प्रारम्भिक प्रवेश शुल्क
₹351 (GST Inclusive)

तीनों Live Sessions + 3 दिनों के Digital Training Notes + पात्र प्रतिभागियों के लिए Digital Certificate

✓ शुरुआती साधकों के लिए उपयुक्त ✓ संस्कृत का ज्ञान आवश्यक नहीं ✓ महिलाएँ और पुरुष दोनों जुड़ सकते हैं
राम-कथा वाचक मास्टरक्लास के प्रशिक्षक सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
सीधा प्रशिक्षण सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन के साथ
🙏

भक्ति से अभिव्यक्ति तक—अपनी राम-कथा यात्रा प्रारम्भ करें।

राम-कथा वाचक 3-दिवसीय मास्टर क्लास • दिसंबर बैच 4, 5 और 6 दिसंबर 2026 • रात 8:00 से 10:30 बजे • कुल ₹351/-
₹351/- में अभी पंजीकरण करें
क्या यह आपकी भी चुनौती है?

क्या आपमें राम-कथा वाचक बनने की इच्छा है, लेकिन शुरुआत कहाँ से करें यह समझ नहीं आ रहा?

यदि आपके मन में कथा कहने की भावना है, पर संरचना, चौपाई से प्रसंग बनाना, मंच पर बोलना, भाव और श्रोताओं से संवाद जैसी बातों को लेकर संकोच या उलझन है— तो यह मास्टरक्लास आपके लिए बनाई गई है।

📖

रामचरितमानस पढ़ते हैं, लेकिन चौपाई से प्रभावशाली कथा बनाना नहीं आता

चौपाई का प्रसंग, सरल अर्थ, भावार्थ और आज के जीवन से उसका संबंध जोड़कर प्रभावशाली कथा कैसे बनाई जाए—यही सबसे बड़ी उलझन बन जाती है।

🎙️

मंच, कैमरे या श्रोताओं के सामने बोलते समय आत्मविश्वास कम हो जाता है

मन में श्रद्धा और ज्ञान होने के बाद भी बोलते समय झिझक, घबराहट या शब्दों का प्रवाह टूटने लगता है और बात प्रभावशाली ढंग से नहीं पहुँच पाती।

🙏

मंगलाचरण से कथा में प्रवेश तक सही क्रम समझ नहीं आता

गुरु-वंदना, श्रोताओं का अभिनंदन, संकल्प, मंगलाचरण और कथा की भूमिका किस क्रम में रखी जाए—इसी कारण शुरुआत में असमंजस बना रहता है।

👥

श्रोता कथा सुनते हैं, लेकिन भाव से गहराई से जुड़ नहीं पाते

सही आवाज़, भाव, विराम, प्रश्न, उदाहरण और श्रोताओं से संवाद के बिना अच्छी सामग्री भी अपेक्षित प्रभाव नहीं बना पाती।

🧭

राम-कथा वाचक बनने का स्पष्ट और क्रमबद्ध मार्ग नहीं मिलता

क्या पढ़ें, कौन-सी चौपाइयाँ चुनें, प्रसंग कैसे तैयार करें, रोज़ अभ्यास कैसे करें और पहली प्रस्तुति तक कैसे पहुँचें—इसका स्पष्ट मार्ग चाहिए।

🎚️

मंच, माइक्रोफोन और ऑनलाइन प्रस्तुति की व्यावहारिक जानकारी कम है

माइक्रोफोन की दूरी, ध्वनि-जाँच, कैमरा, प्रकाश, बैठने की मुद्रा और ऑनलाइन प्रसारण जैसी छोटी बातें भी प्रस्तुति के प्रभाव को बहुत बदल देती हैं।

✨

इनमें से एक भी स्थिति आपकी है, तो यह 3-दिवसीय मास्टरक्लास आपकी राम-कथा वाचक बनने की यात्रा की सही शुरुआत बन सकती है।

पहले से कथा-वाचन का अनुभव या संस्कृत का विशेष ज्ञान आवश्यक नहीं है। सीखने, अभ्यास करने और अपनी वाणी को श्रीराम की सेवा का माध्यम बनाने की इच्छा ही पर्याप्त है।

सीखना, सुनना, कहना और अभ्यास

केवल प्रवचन नहीं - कथा का अभ्यास भी

इस मास्टरक्लास में आप केवल सुनने वाले श्रोता बनकर नहीं बैठेंगे। आप देखेंगे कि कथा कैसे कही जाती है, समझेंगे कि भाव कैसे पकड़ा जाता है, और धीरे-धीरे स्वयं भी कथा कहने का अभ्यास करेंगे।

Sadguru Baba Shri Raj Mahajan के साथ राम-कथा प्रशिक्षण का वातावरण
जीवंत राम-कथा प्रशिक्षण

जहाँ कथा केवल सुनी नहीं जाती, सीखी और साधी भी जाती है

ग्रंथ, भाव, वाणी, अभ्यास, श्रोता और साधना—इन सबको साथ लेकर ही एक राम-कथा वाचक की यात्रा आगे बढ़ती है।

प्रशिक्षण का वातावरण व्यासपीठ • रामचरितमानस • अभ्यास • श्रोता संवाद
01

समझें

चौपाई केवल पढ़ी नहीं जाएगी। उसके पीछे का प्रसंग, पात्र का भाव और जीवन-संदेश सरल भाषा में समझा जाएगा।

02

देखें

मैं स्वयं कथा कहकर दिखाऊँगा, ताकि आप आवाज, विराम, भाव, प्रवाह और श्रोताओं से जुड़ने का तरीका अनुभव कर सकें।

03

बोलें

चुने हुए प्रतिभागियों को छोटी चौपाई या प्रसंग अपनी भाषा में कहने का अवसर मिलेगा, ताकि झिझक टूटे और शुरुआत हो सके।

04

निखारें

कहाँ रुकना है, कहाँ भाव बढ़ाना है, कहाँ श्रोताओं को जोड़ना है— इन सूक्ष्म बिंदुओं को अभ्यास के साथ समझा जाएगा।

चौपाई समझें
उसका भाव पकड़ें
अपनी भाषा में कहें
अभ्यास से प्रभाव बढ़ाएँ

प्रशिक्षण का व्यावहारिक स्वरूप

प्रत्येक दिन मैं पहले विषय समझाऊँगा, फिर उसका उदाहरण दूँगा, ताकि सीखी हुई बात केवल जानकारी बनकर न रह जाए।

  • रामचरितमानस के विषयों की सरल व्याख्या
  • कथा-वाचन का सीधा उदाहरण
  • चौपाई से कथा बनाने की अभ्यास-पद्धति
  • श्रोताओं से जुड़ने के छोटे-छोटे सूत्र
  • मंच और आवाज की प्रारम्भिक समझ
  • घर पर करने योग्य छोटा दैनिक अभ्यास

आपको स्वयं क्या करना होगा?

यह प्रशिक्षण तभी अधिक उपयोगी होगा जब आप मन खोलकर सुनेंगे और थोड़ा-सा बोलने का साहस भी करेंगे।

  • एक चौपाई या छोटा प्रसंग चुनना
  • उसका सरल अर्थ लिखना
  • 2-3 मिनट की छोटी कथा तैयार करना
  • आवाज रिकॉर्ड करके स्वयं सुनना
  • प्राप्त सुझावों के अनुसार दोबारा अभ्यास करना
यही इस मास्टरक्लास की विशेषता है: आप केवल यह नहीं जानेंगे कि कथा कैसे कही जाती है—आप स्वयं कथा कहने की शुरुआत करेंगे।
तीन दिन • समझ से प्रभावशाली प्रस्तुति तक

तीन दिनों में आपकी राम-कथा यात्रा

पहले दिन रामचरितमानस और कथा-वाचक की दृष्टि को समझेंगे, दूसरे दिन व्यासपीठ, वाणी और प्रस्तुति की practical तैयारी करेंगे, और तीसरे दिन storytelling, मंच-कौशल तथा आगे बढ़ने की दिशा सीखेंगे।

01
पहला दिन
समझ • ग्रंथ • दृष्टि

रामचरितमानस की समझ और कथा-वाचक की दृष्टि

कथा कहने से पहले ग्रंथ, उसकी संरचना, भाव और कथा-वाचक की जिम्मेदारी को सही दृष्टि से समझना।

मुख्य अध्ययन

  • रामचरितमानस क्या है और गोस्वामी तुलसीदास जी का उद्देश्य
  • श्रीराम के मानवीय एवं आध्यात्मिक आयाम
  • सात काण्ड — कथा-क्रम और जीवन-संदेश
  • चार प्रमुख संवाद-घाट और उनकी भूमिका
  • चौपाई, दोहा, सोरठा, छंद और श्लोक की पहचान
  • पाठक, वक्ता और कथा-वाचक में वास्तविक अंतर
  • मूल ग्रंथ → व्याख्या → जीवन में अनुप्रयोग
  • कथा-वाचक की जिम्मेदारियाँ, साधना और सेवा-दृष्टि
पहले दिन का परिणाम

आपको स्पष्ट होगा कि कथा में क्या कहना है, किस दृष्टि से कहना है और रामचरितमानस को केवल पढ़ने के बजाय जीवन से जोड़कर कैसे समझना है।

02
दूसरा दिन
व्यासपीठ • वाणी • मर्यादा

व्यासपीठ, तैयारी, वाणी और मर्यादित प्रस्तुति

Theory से आगे बढ़कर कथा-वाचक की वास्तविक practical preparation और व्यासपीठ पर प्रस्तुति की प्रक्रिया।

मुख्य Practical Training

  • व्यासपीठ का Practical Process — प्रवेश से कथा-विराम तक
  • आरती, परिक्रमा, प्रणाम, पूजा, स्तुति, मंगलाचरण और कथा-प्रवेश
  • Musicians के साथ coordination और सही cues
  • मंच से पहले मन, शरीर और कथा-क्रम की तैयारी
  • Pre-Katha Breathing और Mental Checklist
  • Throat Care, ॐकार, Humming और दैनिक स्वर-अभ्यास
  • Vishuddhi awareness और वाणी की सहजता
  • Eye Contact, Audience Connection, मर्यादा और समभाव
  • भाव बनाम Overacting और भीतर नाम-स्मरण
  • कथा-दिवस की दिनचर्या, भोजन, Voice Rest और Mind Diet
  • Mirror Technique, Affirmations, Camera Practice और Styling
दूसरे दिन का परिणाम

व्यासपीठ पर जाने, स्वयं को तैयार करने, आवाज संभालने, श्रोताओं से जुड़ने और मर्यादा के साथ कथा प्रस्तुत करने का practical framework मिलेगा।

03
तीसरा दिन
प्रभाव • मंच • आगे का मार्ग

प्रभावशाली Storytelling, मंच-कौशल और आगे का मार्ग

सीखी हुई प्रस्तुति को अधिक स्पष्ट, जीवंत, प्रभावशाली और वास्तविक मंच के लिए तैयार करना।

मुख्य Advanced Training

  • स्पष्ट उच्चारण, articulation और practical pronunciation exercises
  • Mic Technique और सही working distance
  • कथा-वाचक की तीन पकड़ — आवाज, मंच और विषय
  • Pitch, Pace, Pause, Volume, Modulation और Breath Control
  • Visual, Auditory और Kinesthetic Storytelling
  • भक्ति, वीर, करुण, माधुर्य और हास्य रस के अनुसार प्रस्तुति
  • चौपाई को प्रसंग और भाव के अनुसार प्रस्तुत करना
  • कथा में भजन कहाँ और कैसे जोड़ें
  • Audience Interaction और Participation का संतुलन
  • कथा के बीच भूल जाएँ तो क्या करें
  • Correction, कठिन प्रश्न, Disturbance और Mic Failure संभालना
  • व्यक्तिगत, आध्यात्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक Scope
  • Foundation से Katha Vaachak तक structured आगे का मार्ग
तीसरे दिन का परिणाम

आपको समझ आएगा कि कथा को केवल कहना नहीं, बल्कि आवाज, भाव, storytelling, मंच और परिस्थिति-संभाल के माध्यम से प्रभावशाली कैसे बनाना है और आगे किस दिशा में अभ्यास करना है।

कथा-वाचक की सम्पूर्ण यात्रा

अध्ययन → मनन → अभ्यास → प्रस्तुति → सेवा

तीन दिनों के अंत तक आपकी समझ

रामचरितमानस की संरचना और कथा-वाचक की दृष्टि से लेकर व्यासपीठ की practical तैयारी, वाणी, storytelling, audience connection, मंचीय परिस्थितियों और आगे की साधना तक आपको एक स्पष्ट प्रारम्भिक framework मिलेगा।

ज्ञान से प्रस्तुति तक

इन तीन दिनों में लक्ष्य केवल जानकारी देना नहीं है। आप ग्रंथ की समझ, कथा-वाचक की दृष्टि, व्यासपीठ की तैयारी, वाणी, storytelling और मंचीय व्यवहार को एक क्रमबद्ध प्रारम्भिक framework में समझेंगे।

यह 3-Day Masterclass पूर्ण कथा-वाचक प्रशिक्षण का अंत नहीं—एक मजबूत Foundation है। तीन दिनों के बाद आपको यह स्पष्ट होगा कि क्या पढ़ना है, कैसे अभ्यास करना है, अपनी वाणी और प्रस्तुति को कैसे सुधारना है और आगे नियमित अध्ययन, feedback तथा मंच-अनुभव के माध्यम से कथा-वाचक के रूप में कैसे विकसित होना है।
विद्यार्थियों के अनुभव

जिन्होंने प्रशिक्षण लिया, उनका अनुभव स्वयं सुनिए

राम-कथा सीखने की यात्रा केवल जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है। सही मार्गदर्शन, अभ्यास और आत्मविश्वास से एक साधक अपनी वाणी और प्रस्तुति में वास्तविक परिवर्तन अनुभव कर सकता है।

प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और विद्यार्थियों का स्नेह

बाबा जी विद्यार्थियों को अपने घर बुलाकर प्रत्यक्ष रूप से भी मार्गदर्शन देते हैं। यहाँ प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और विद्यार्थियों द्वारा बाबा जी के सम्मान की झलक देखिए।

दिसंबर की ₹351 वाली 3-दिवसीय मास्टरक्लास ऑनलाइन है। ये वीडियो प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के साथ जुड़ाव का परिचय हैं; घर पर प्रशिक्षण इस पंजीकरण में शामिल नहीं है।

ये अनुभव आपको यह समझने में सहायता करते हैं कि सही दिशा, नियमित अभ्यास और मार्गदर्शन के साथ राम-कथा वाचक बनने की यात्रा प्रारम्भ की जा सकती है।
3 दिन • 3 विशेष Guided Meditations

राम-कथा वाचक बनने के लिए केवल ज्ञान नहीं—भीतर की तैयारी भी आवश्यक है

प्रभावशाली कथा-वाचन के लिए केवल विषय-ज्ञान और तकनीक पर्याप्त नहीं। मंच पर जाने से पहले मन की स्थिरता, आत्मविश्वास, एकाग्रता, वाणी की सहजता और गुरु-इष्ट स्मरण भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए तीनों दिनों में एक विशेष Guided Meditation कराया जाएगा।

🙏 भय से मुक्ति ✦ वाणी में शक्ति ✦ संकल्प में दृढ़ता 🪔 गुरु एवं इष्ट कृपा
DAY 1
🙏

भयमुक्ति एवं गुरु-कृपा ध्यान

Performance fear, झिझक, असफलता की आशंका और भीतर की असुरक्षा को शांत करते हुए गुरु और इष्ट का स्मरण। उद्देश्य है मन को स्थिर करना और कथा-यात्रा के लिए भीतर से सहजता एवं आशीर्वाद का भाव अनुभव करना।

मुख्य भाव:
Fear Release • Inner Safety • Guru Smaran • Acceptance
DAY 2
ॐ

वाणी, आत्मविश्वास एवं एकाग्रता ध्यान

शांत breathing, गुरु-प्रभु स्मरण और कंठ-केंद्र की awareness के माध्यम से मन और वाणी को केन्द्रित करने का अभ्यास। उद्देश्य है मंच पर सहजता, confidence, focus और अभिव्यक्ति की स्पष्टता को मजबूत करना।

मुख्य भाव:
Voice • Confidence • Focus • Expression
DAY 3
🪔

संकल्प-शक्ति एवं इष्ट-कृपा ध्यान

तीन दिनों की सीख को भीतर स्थापित करते हुए अपनी कथा-यात्रा के संकल्प को मजबूत करना, स्वयं को समर्थ अनुभव करना और गुरु एवं इष्ट-कृपा के भाव से सेवा की दिशा में आगे बढ़ना।

मुख्य भाव:
Will-Power • Confidence • Sankalp • Isht Kripa
मन की स्थिरता
मंच का आत्मविश्वास
एकाग्रता एवं संकल्प
गुरु-इष्ट स्मरण
ज्ञान मन को दिशा देता है—ध्यान भीतर की शक्ति को जागृत करता है।

इन तीन Guided Meditations का उद्देश्य है कि आप कथा-वाचन के लिए केवल technically नहीं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से भी अधिक तैयार होकर आगे बढ़ें।

Live Training • Notes • Digital Certificate

इस मास्टरक्लास में आपको क्या-क्या मिलेगा?

तीन दिनों के Live Training में आपको रामचरितमानस की मूल समझ, कथा-वाचन की practical training, व्यासपीठ और वाणी की तैयारी, storytelling, audience interaction तथा प्रारम्भिक मंच-कौशल का मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही तीनों दिनों के Training Notes और पात्र प्रतिभागियों के लिए Digital Certificate भी शामिल है।

🎥
3-दिवसीय Live Training

तीन जीवंत ऑनलाइन Masterclass सत्र

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन के साथ रामचरितमानस की समझ, कथा-वाचक की दृष्टि, व्यासपीठ, वाणी, प्रस्तुति, storytelling और मंच-कौशल का सीधा प्रशिक्षण।

दिसंबर बैच • 4, 5 और 6 दिसंबर 2026 • रात्रि 8:00 से 10:30 बजे (भारतीय समय)
📚
3 दिनों के Training Notes

Masterclass के बाद भी अध्ययन और अभ्यास जारी रखें

तीनों दिनों की मुख्य सीख, महत्वपूर्ण बिंदु, अभ्यास-सूत्र और कथा-वाचन से जुड़े आवश्यक विषयों के व्यवस्थित डिजिटल Notes, ताकि आप Training के बाद भी सीखी हुई बातों को दोहरा सकें और अपने अभ्यास को आगे बढ़ा सकें।

Digital Study Material • Revision • Practice Support
🎓
Digital Certificate

सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र

निर्धारित उपस्थिति एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने वाले पात्र प्रतिभागियों को हरी हर सनातन विद्या गुरुकुलम् की ओर से Digital Certificate जारी किया जाएगा।

पात्र प्रतिभागी के नाम एवं विशिष्ट प्रमाणपत्र क्रमांक सहित
हरी हर सनातन विद्या गुरुकुलम् का नमूना सहभागिता प्रमाणपत्र

सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र

निर्धारित उपस्थिति और आवश्यक कथा-अभ्यास पूरा करने वाले पात्र प्रतिभागियों को हरी हर सनातन विद्या गुरुकुलम् की ओर से डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

  • कम से कम दो सीधे प्रशिक्षण सत्रों में उपस्थिति
  • एक छोटा कथा-अभ्यास पूरा करना
  • प्रतिक्रिया प्रपत्र जमा करना
  • सही नाम एवं पंजीकरण जानकारी उपलब्ध कराना
  • नाम एवं विशिष्ट प्रमाणपत्र क्रमांक सहित
नोट: यहाँ दिखाया गया प्रमाणपत्र केवल नमूना है। वास्तविक प्रमाणपत्र पात्र प्रतिभागियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद डिजिटल रूप में जारी किया जाएगा।

विशेष प्रारम्भिक प्रवेश शुल्क

₹351 GST Inclusive

3-Day Live Masterclass + 3 दिनों के Training Notes + पात्र प्रतिभागियों के लिए Digital Certificate

सबसे मूल्यवान लाभ आपका प्रशिक्षण और अभ्यास है। इस Masterclass के माध्यम से आप राम-कथा वाचक बनने की अपनी इच्छा को व्यवस्थित अध्ययन, अभ्यास और सही मार्गदर्शन के साथ एक वास्तविक शुरुआत में बदल पाएँगे।
मार्गदर्शक से परिचय

आपका मार्गदर्शन कौन करेगा?

इस Masterclass में आपको केवल विषय-ज्ञान नहीं दिया जाएगा, बल्कि राम-कथा को समझने, भाव ग्रहण करने, अभ्यास करने और श्रद्धा, स्पष्टता एवं प्रभाव के साथ प्रस्तुत करने की दिशा भी दी जाएगी।

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन - राजेश्वर रामानुज दास
बाबा राजेश्वर रामानुज दास रामानुज सम्प्रदाय
🪔 राम-कथा • साधना • मार्गदर्शन

सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन
(बाबा राजेश्वर रामानुज दास)

रामचरितमानस अध्येता • लेखक • आध्यात्मिक मार्गदर्शक • राम-कथा वक्ता

वर्षों से श्रीराम-कथा, भक्ति, साधना और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा को जन-जन तक पहुँचाते हुए सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन ऐसे साधकों को मार्गदर्शन देते हैं, जिनके हृदय में राम-कथा कहने की इच्छा है और जो इसे व्यवस्थित अध्ययन, अभ्यास और मर्यादित प्रस्तुति के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं।

गुरु-परम्परा एवं आध्यात्मिक दीक्षा

बाबा श्री राज महाजन ने उत्तराखंड पीठाधीश्वर जगद्गुरु ब्रह्मनिष्ठ श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री कृष्णाचार्य जी महाराज (श्री कृष्णकुंज, ऋषिकेश) से दीक्षा प्राप्त की है। उनका आध्यात्मिक नाम “राजेश्वर रामानुज दास” है और वे रामानुज सम्प्रदाय से सम्बद्ध हैं।

इसके साथ ही बाबा श्री राज महाजन भागवताचार्य श्री योगेश कृष्ण शास्त्री जी महाराज के शिष्य हैं और उनके सान्निध्य में राम-कथा तथा श्रीरामचरितमानस की बारीकियों, भाव, प्रसंग, व्याख्या और कथा-वाचन की विधा का अध्ययन किया है।

इसी परम्परागत आध्यात्मिक अध्ययन और व्यावहारिक कथा-अनुभव के आधार पर वे नए साधकों को केवल जानकारी नहीं, बल्कि रामचरितमानस को समझने, चौपाई और प्रसंग का भाव ग्रहण करने, कथा तैयार करने और उसे मर्यादित व प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा देते हैं।

  • रामचरितमानस की आत्मा को सरल, भावपूर्ण और व्यवस्थित रूप से समझने की दिशा
  • चौपाई, प्रसंग, भावार्थ और कथा के बीच सही संबंध बनाने का अभ्यास
  • कथा-वाचन में भाव, उच्चारण, संवाद और श्रोताओं से जुड़ने की व्यावहारिक समझ
  • आध्यात्मिक परम्परा और आधुनिक प्रस्तुति-कौशल का संतुलित मार्गदर्शन
  • नए साधकों को राम-कथा वाचक बनने की यात्रा की पहली सीढ़ी पर आत्मविश्वास देना
“राम-कथा केवल शब्दों से नहीं कही जाती; वह श्रद्धा, साधना और भीतर के अनुभव से प्रवाहित होती है।”
— सद्गुरु बाबा श्री राज महाजन (राजेश्वर रामानुज दास)
इस Masterclass का उद्देश्य आपको केवल जानकारी देना नहीं है। उद्देश्य यह है कि आप कथा को पढ़ने से आगे बढ़कर उसे समझें, महसूस करें, अभ्यास करें और मर्यादित, प्रभावी तथा भावपूर्ण ढंग से कहना प्रारम्भ करें।
आपके प्रश्नों के सरल उत्तर

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजीकरण से पहले तिथियों, शुल्क, Live Training, Training Notes, Guided Meditation, Certificate और आगे की प्रक्रिया से जुड़े सामान्य प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर यहाँ दिए गए हैं।

4, 5 और 6 दिसंबर 2026 दिसंबर बैच • तीन Live Training Days
रात 8:00 से 10:30 बजे भारतीय समय • ऑनलाइन Live Session
कुल ₹351/- GST inclusive
क्या रामचरितमानस का पूर्व ज्ञान होना आवश्यक है?

नहीं। यह Masterclass शुरुआती साधकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। रामचरितमानस की मूल संरचना, सात काण्ड, संवाद-घाट और कथा-वाचन की प्रारम्भिक प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई जाएगी।

क्या संस्कृत का ज्ञान आवश्यक है?

नहीं। प्रशिक्षण मुख्य रूप से सरल हिंदी में होगा। रामचरितमानस का अधिकांश भाग लोकभाषा अवधी में है। जहाँ आवश्यक होगा, श्लोक या अन्य पदों का अर्थ और संदर्भ सरल भाषा में समझाया जाएगा।

Masterclass की तारीख और समय क्या है?

दिसंबर बैच के तीनों Live Sessions 4, 5 और 6 दिसंबर 2026 को रात 8:00 से 10:30 बजे (भारतीय समय) आयोजित होंगे। अधिकतम लाभ के लिए तीनों दिनों में उपस्थित रहने की योजना बनाएँ।

क्या महिलाएँ भी इस Masterclass में भाग ले सकती हैं?

जी हाँ। यह Masterclass महिलाओं और पुरुषों, दोनों के लिए है। राम-कथा सीखने की सच्ची इच्छा रखने वाला कोई भी वयस्क प्रतिभागी इसमें भाग ले सकता है।

क्या मैं मोबाइल फोन से Training में जुड़ सकता हूँ?

जी हाँ। आप मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप या कंप्यूटर से जुड़ सकते हैं। बेहतर अनुभव के लिए स्थिर इंटरनेट, शांत स्थान, notebook और pen रखें। Earphones या headphones उपयोगी रहेंगे।

क्या तीनों दिनों के Training Notes भी मिलेंगे?

जी हाँ। तीनों दिनों की मुख्य सीख, महत्वपूर्ण बिंदु, अभ्यास-सूत्र और कथा-वाचन से जुड़े आवश्यक विषयों के व्यवस्थित Digital Training Notes उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि Masterclass के बाद भी आप revision और अभ्यास जारी रख सकें।

क्या तीनों दिनों में Guided Meditation भी कराया जाएगा?

जी हाँ। तीनों दिनों में एक-एक विशेष Guided Meditation रखा गया है। इनका उद्देश्य performance fear को शांत करने, वाणी और आत्मविश्वास को केन्द्रित करने, संकल्प-शक्ति मजबूत करने तथा गुरु-इष्ट स्मरण के भाव से भीतर की तैयारी में सहायता करना है।

क्या हर प्रतिभागी को Live Session में कथा कहने का अवसर मिलेगा?

समय की सीमा के कारण Live Session में प्रत्येक प्रतिभागी को बोलने का अवसर मिलना संभव नहीं हो सकता। चुने हुए प्रतिभागियों को अभ्यास का अवसर दिया जा सकता है। सभी प्रतिभागियों को घर पर करने योग्य कथा-अभ्यास की स्पष्ट दिशा दी जाएगी।

क्या सभी तीनों Sessions की recording मिलेगी?

यह कार्यक्रम मुख्य रूप से Live Training और सहभागिता के लिए है। Recording उपलब्ध कराने का निर्णय तकनीकी स्थिति और कार्यक्रम की नीति के अनुसार लिया जाएगा। इसलिए registration recording के भरोसे न करें और तीनों Live Sessions में उपस्थित रहने की योजना बनाएँ।

Live Session में अपने पास क्या-क्या रखना चाहिए?

बेहतर सीख और अभ्यास के लिए अपने पास notebook और pen रखें। यदि उपलब्ध हो तो रामचरितमानस भी अपने पास रखें। शांत वातावरण, स्थिर internet connection और earphones या headphones उपयोगी रहेंगे।

Digital Certificate किसे मिलेगा?

Certificate पात्रता के लिए सामान्यतः कम से कम दो Live Training Sessions में उपस्थिति, एक छोटा कथा-अभ्यास पूरा करना, प्रतिक्रिया प्रपत्र जमा करना तथा सही नाम और registration details उपलब्ध कराना आवश्यक होगा। पात्र प्रतिभागियों को नाम और विशिष्ट certificate number सहित सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण का Digital Certificate जारी किया जाएगा।

यदि किसी दिन Live Session छूट जाए तो क्या होगा?

अधिकतम लाभ के लिए तीनों दिन उपस्थित रहना बेहतर है, क्योंकि हर दिन की सीख अगले चरण से जुड़ी है। किसी Session के छूटने पर अगले Session में सक्रिय रूप से जुड़ें और दिए गए अभ्यास को पूरा करें।

क्या ₹351 के अतिरिक्त कोई अनिवार्य शुल्क है?

Entry Fee ₹351 (GST Inclusive) है। Checkout पर कुल भुगतान ₹351.00 ही होगा। कोई अतिरिक्त अनिवार्य शुल्क नहीं है।

क्या Masterclass के बाद Full Course join करना अनिवार्य है?

नहीं। इस 3-Day Masterclass के बाद किसी भी advanced या Full Course में प्रवेश पूरी तरह वैकल्पिक है। आगे का प्रशिक्षण उन प्रतिभागियों के लिए अलग विकल्प है जो नियमित अध्ययन, अभ्यास, feedback और अधिक विस्तृत प्रशिक्षण जारी रखना चाहते हैं।

क्या Registration Fee वापस की जा सकती है?

यह सीमित शुल्क वाला Live Digital Training Program है। Registration पूरा होने के बाद शुल्क सामान्यतः वापस नहीं किया जाएगा। भुगतान से पहले कृपया 4, 5 और 6 दिसंबर 2026 की तारीखें, रात 8:00 से 10:30 बजे (भारतीय समय) का समय और अपनी उपलब्धता जाँच लें।

दिसंबर बैच • आपकी कथा-यात्रा की पहली सीढ़ी

राम-कथा कहने की इच्छा को अब अभ्यास में बदलिए

केवल सुनते रहने के बजाय अब रामचरितमानस को समझने, कथा तैयार करने, भावपूर्ण ढंग से कहने और अपनी पहली प्रस्तुति की दिशा में व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ने की शुरुआत कीजिए।

दिसंबर बैच की तारीखें 4, 5 और 6 दिसंबर 2026
समय (भारतीय समय) रात 8:00 से 10:30 बजे
प्रशिक्षण प्रारूप 3-दिवसीय सीधा ऑनलाइन प्रशिक्षण
विशेष प्रारम्भिक प्रवेश शुल्क ₹351 GST Inclusive
₹351/- में अभी पंजीकरण करें
शुरुआती साधकों के लिए उपयुक्त
संस्कृत का ज्ञान आवश्यक नहीं
तीनों दिनों के Digital Training Notes सहित
तीनों दिनों में विशेष Guided Meditation
व्यावहारिक कथा-वाचन एवं मंच-अभ्यास की दिशा
पात्र प्रतिभागियों के लिए Digital Certificate
यह सहभागिता एवं प्रारम्भिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें आपको रामचरितमानस की मूल समझ, कथा-वाचन की practical direction, तीन दिनों के Training Notes, Guided Meditation और अभ्यास की प्रारम्भिक संरचना दी जाएगी। उद्देश्य है कि आप राम-कथा सीखने की अपनी इच्छा को व्यवस्थित अभ्यास की वास्तविक शुरुआत में बदल सकें।
Scroll to Top
🛒 View Cart